!!जय माँ भवानी!!

प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम्!
तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम्!!
लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च!
सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्!!
नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम्!
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन्!!

आज 08-07-2020, श्रावण कृष्ण तृतीया तत्पश्चात श्री गजानन संकष्टी चतुर्थी पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!

यूँ तो आप सभी जानते हैं कि पूरे श्रावण मास में भगवान शिव का पूजन अर्चन का क्या महत्व है, परंतु यह भी जानना आवश्यक है कि इस मास का हर एक दिवस किसी न किसी पौराणिक मान्यताओं से परिपूर्ण है, श्रावण मास के हर एक तिथि का अपना ही अलग महत्व है!
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार भगवान आशुतोष की आराधना से मनुष्य की जन्म कुंडली में व्याप्त किसी भी दोष का निवारण संभव है! परंतु यह जान लेना भी आवश्यक है कि किस दोष के लिए भगवान श्री सदाशिव का पूजन किस विधि से करना होता है, नहीं तो सही परिणाम मिलना बहुत कठिन है!

ऊपर श्री शिव भगवान जी को अलग अलग नाम से संबोधित किया है, शिव के नाम में ही इतने भेद हैं तो पूजन विधि में कितने होंगे यह आप और हम भलीभांति समझ सकते हैं! अतः शिव शंकर रुद्र आदि को अलग अलग समझना परम आवश्यक है!

भगवान गजानन आप सभी के जीवन के हर संकट को समाप्त करें ऐसी मंगल कामना सहित अनंत कोटि शुभकामनाएं!

!!जय माँ भवानी!!

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