!!जय माँ भवानी!!

श्री वराहमिहिर जी द्वारा बृहतसंहिता में लिखा गया है कि-

मिथुने प्रवरागमना नृपा नृपमात्रा बलिन: कलाविद:!
यमुनातटजा: सबाह्लिका मत्स्या: सुह्यजनै: समन्वित:!!

इस श्लोक का अर्थ यह है कि अगर मिथुन राशि में सूर्य या चंद्र ग्रहण होता है तो महिलाओं, राजा, मंत्री, कला क्षेत्र में काम करने वाले लोग, यमुना नदी के तट पर निवास करने वाले लोग, मध्य देश, गया, विंध्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ज्यादा कष्टों का सामना करना पड़ता है!

आप सभी को आज 21.6.2020, आषाढ़ कृष्ण अमावस्या, दिन रविवार की मंगल कामनाऐं!

भगवान भुवनभास्कर आप सभी को अपनी उष्मा से परिपूर्ण करें!

आज महापर्व है! इस महापर्व (सूर्य ग्रहण) को यूं ही व्यर्थ न जाने दें! जप करें, भगवान के सहस्त्र नामों का पाठ करें! जो मंत्र पहले से जपते आये हैं उन्हें अधिक से अधिक संख्या में करने का प्रयास करें! ध्यान रहे आज ग्रहण का मोक्ष दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर सभी जगहों से समाप्त हो जाएगा, अतः इसके बाद ही कोई भी कर्मकाण्ड इत्यादि करें! सुतक के समय और ग्रहण काल में कर्मकाण्ड (किसी भी प्रकार का मूर्ति स्पर्श या उपचार पूजन करना) हमारे हिन्दू शास्त्रों में निषिद्ध बताया गया है! 

ग्रहण के बाद स्नानादि से निवृत्त होकर मंदिर में या अपने वैदिक कर्मकाण्डी ब्राह्मण को विष्णु जी का स्वरुप मानते हुए अपनी राशि अनुसार अवश्य ही दान करें –

मेष राशि वाले मसूर की दाल का दान करें!

वृषभ राशि वाले शक्कर अथवा मिश्री या केले का दान करें!

मिथुन राशि वाले साबुत मूंग की दाल का दान करें!

कर्क राशि वाले दूध व मिश्री का दान करें!

सिंह राशि वाले गेहूं व गुड का दान करें!

कन्या राशि वाले कोई भी शरबत या तरल पदार्थ का दान दरें!

तुला राशि वाले घी का दान करें!

वृश्चिक राशि वाले गन्ने का रस का दान करें!

धनु राशि वाले केशर का दान करें!

मकर राशि वाले तिल का दान करें!

कुम्भ राशि वाले दूध का दान करें!

मीन राशि वाले चने की दाल का दान करें!

माँ भवानी सभी प्रकार से आपके व आपके परिवारजनों की रक्षा करें व आपको उन्नति के मार पर प्रशस्त करें!

!!जय माँ भवानी!!

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