धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम!
कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलम प्रणमाम्यहम!!

18-जून-2020 भूमिपुत्र मंगल, शनि देव की मूल त्रिकोण राशि (कुम्भ राशि) को छोड़कर देव गुरु बृहस्पति की जल तत्वीय साधारण राशि (मीन राशि) में प्रवेश करेंगे! मीन राशि में मंगल ग्रह का यह गोचर 18-जून-2020 से  16-अगस्त-2020 तक जारी रहेगा! मेष से लेकर मीन राशि पर्यंत मंगल ग्रह का यह गोचर आपके लिए क्या हानि और क्या लाभ लेकर आ रहा है, आइये समझने की कोशिश करते हैं!

ज्यो तिष शास्त्र में भरणी (भूमि) के गर्भ से निकले, विद्युत् की कांति के सामान तेज व बलशाली मंगल, साहस (पराक्रम), वाद-विवाद (लड़ाई-झगड़े), दुस्साहस (जबरजस्ती पंगा लेना), जल्दबाजी, क्रोध, मांशपेशि, रक्त के कारक माने जाते हैं!

मंगल ग्रह के इस गोचर को समझने से पहले ये भी जान लेना चाहिए कि मीन राशि पर गोचर के दौरान मंगल पर किन-किन अन्य शुभ व अशुभ ग्रहों का प्रभाव रहेगा! मंगल ग्रह पर अपनी साधारण मकर राशि में देव गुरु बृहस्पति के साथ स्थित शनि देव की तीसरी दृष्टि पड़ेगी! शनि देव की मंगल पर इस दृष्टि को आप इस तरह समझ सकते हैं जैसे कोई पहले से विस्फोटक प्रवित्ति का (आतंकवादी) है और उसके हाथ में विस्फोटक घातक हथियार (जैसे एके-47) थमा देना!

अन्य ज्योतिषविदों का यह तर्क है कि इससे विश्व युद्ध जैसी स्थिति होगी! यह सत्य है कि किसी देश की कोई हरकत अन्य देश उकसाने वाली हो परन्तु यह भी एक सत्य है कि, इस समय पूरा विश्व एक तो कोरोना की मार झेल रहा है, लगभग सभी देश आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और बहुत से बड़े-बड़े देशों में अंदरूनी कलह का माहौल बना हुआ है! अतः इस समय कोई भी समझदार देश अपने आप को विश्व युद्ध जैसी स्थिति में डालने के लिए तैयार नहीं है! इस डेढ़ मास के मंगल के गोचर में जो ताकतवर देश हैं छोटे देशों को डराने का प्रयास अवश्य ही करेंगे!

भारत पर मंगल ग्रह के इस गोचर का असर देखा जाये तो भारत देश चारों ओर से मुसीबतों से घिरता हुआ दिखाई दे रहा है! अंदरूनी कलह की स्थिति पैदा हो सकती है! आप जब भी कोई न्यूज़ चैनल देखेंगे तो आपको लगेगा की आज रात या कल सुबह तक युद्ध छिड़ जाएगा परन्तु ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला क्यूंकि विस्फोटक स्थिति तो पैदा होगी लेकिन कोई भी देश इस समय युद्ध की तरफ नहीं जाना चाहेगा! और फिर भी यदि कोई देश युद्ध का सामना करेगा तो वह देश अपनी ही बर्बादी को स्वयं निमंत्रण देगा!

वर्तमान परिस्थिति में बहुत सारे लोग नौकरी व व्यापार छूट जाने के कारण खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं! सभी के लिए ये एक ऐसा समय है कि जब एक बड़े नाले को पार करना हो तब हम थोड़ा पीछे आते हैं और फिर जोर की छलांग लगाकर उसको पार कर लेते हैं बस ऐसी ही स्थिति से हम सभी इस समय गुजरने वाले हैं! मंगल पराक्रम के कारक हैं और विश्व कर्म प्रधान है जो कोई भी इस गोचर रुपी नाले को मजबूत मानसिकता के साथ छलांग मारेगा वह सकुशल सुरक्षित बहुत आगे चले जाएगा, जो बीच में फंसकर रह गया उसका हाल आप स्वयं समझ सकते हैं!

इस गोचर फलादेश को आप अपनी जन्म राशि के अनुसार देखें! मतलब आपकी जन्म पत्रिका में चन्द्रमा जिस राशि में बैठे हैं वाही आपकी जन्म राशि है! और यदि आपको अपनी जन्म राशि नहीं पता है तो आप इस फलादेश को अपने प्रचलित नाम के पहले अक्षर से पड़ने वाली नाम राशि के अनुसार समझें!

मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर के प्रभाव को समझने के लिए नीचे दिए लिंक पर जायें-

मेष राशि नाम अक्षर: चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा मेष राशि में स्थित हैं)

वृषभ राशि नाम अक्षर: इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वृषभ राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा वृषभ राशि में स्थित हैं)

मिथुन राशि नाम अक्षर: का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा

मिथुन राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा मिथुन राशि में स्थित हैं)

कर्क राशि नाम अक्षर: ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कर्क राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा कर्क राशि में स्थित हैं)

सिंह राशि नाम अक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

सिंह राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा सिंह राशि में स्थित हैं)

कन्या राशि नाम अक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा कन्या राशि में स्थित हैं)

तुला राशि नाम अक्षर: रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा तुला राशि में स्थित हैं)

वृश्चिक राशि नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा वृश्चिक राशि में स्थित हैं)

धनु राशि नाम अक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढा, भे

धनु राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा धनु राशि में स्थित हैं)

मकर राशि नाम अक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी

मकर राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा मकर राशि में स्थित हैं)

कुम्भ राशि नाम अक्षर: गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कुम्भ राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा कुम्भ राशि में स्थित हैं)

मीन राशि नाम अक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

मीन राशि के जातकों पर मंगल ग्रह के मीन राशि में गोचर का प्रभाव (जिनकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमा मीन राशि में स्थित हैं)

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